हिन्दू -मुस्लिम एकता का प्रतीक है बाबा जुड़ई शहीद की मजार

रिपोर्ट- आदिल खान
सुलतानपुर-बल्दीराय तहसील क्षेत्र में चक-कारी भीत नदी के तट पर स्थित हजरत जुड़ई शहीद की मजार मौजूद है।बाबा की मजार पर दो दिवसीय उर्स का आयोजन किया गया।उर्स  के मौके पर बाबा की मजार पर हिन्दू-मुस्लिम एक साथ मजार पर प्रसाद (सिन्नी)व चादर चढ़ा कर अपनी व अपने मुल्क की सलामती की दुआएं मांगी।उर्स के पहले दिन शाम को गागर,चादर के साथ कौव्वाली का आयोजन किया गया।जिसमे दूरदराज के कई क़व्वालो द्वारा क़व्वाली पेश की।उर्स के दूसरे दिन सुबह ग़ुस्ल ,कुरआन खानी,लंगरे-आम,व मेला का आयोजन किया गया।रात्रि को जश्ने-ईद-मिलादुन्नबी का प्रोग्राम किया गया।जिसकी सरपरस्ती खानकाहे तस्लीमिया के चश्मो चराग औलादे हुज़ूर तस्लीमे मिल्लत सज्जादह नशीन आस्तानए हुजूर तस्लीमे मिल्लत हज़रत हाफिज़ व कारी ताज मोहम्मद साहब फरमा रहे थे। जलसे की शुरुआत हाफिज तालिब रजा ने तिलावते कुरआन पाक से किया।हजरत अल्लामा मौलान सुल्तान रज़ा साहब ने अपनी तकरीर मे कहा कि वली जिन्दा है,कुरआन व हदीस की रोशनी में बताया कि बेशक वली जिंदा है।इन्ही बुजुर्गों के कौल को सामने रखते हुए ये भी कहा कि हम हिन्दुस्तानी इन्हीं बुजुर्गों के छत छाये मे जी रहे है।इन्ही बुजुर्गों ने अमन-चैन का पैगाम दिया।मौलाना सलमान रजा बाराबंक्वी ने भी अपने अंदाज मे अपनी तकरीर पेश करते हुऐ बताया की मज़हबे इस्लाम अमन और शान्ती का पैगाम देता है।कारी शरीफ नवाज कादरी तस्लीमी  इसौलवी की शायरी सुनकर वहाँ मौजूद लोग झूम उठे

सारी दुनिया मिल के उसका कुछ ना कर पाई शरीफ
मिल गई है जिसको जिसको निस्बते जुडई शहीद
 वहाँ पर दूर दराज से आऐ हुऐ मशहूर नात ख्वाँ हज़रत का़री इद्रीस रज़ा साहब काल्पी शरीफ, जनाब नोमान रज़ा साहब बंगाल, हज़रत कारी खुर्शीद रज़ा साहब जायस शरीफ मौलान इन्तिज़ार अमजदी साहब हाफिज़ अबरार साहब वगैरह ने अपने अपने कलाम को पेश किया और लोगो के दिल को जीत लिया।इस मौके पर वसीम अहमद,इमरान,कमर अंसारी,आदिल खान,साहील खान,हसीम,वसीम(कोटेदार)मो०सफीक,मोहम्मद अहमद,मो०जैद आदि रहे मौजूद।

Comments

Popular posts from this blog

आल्हा हमारी प्राचीन संस्कृति व वीरता की पहचान-मनीष पांडेय

री-काउंटिंग में हार बनी मुकद्दर:सुल्तानपुर में लगातार दूसरी बार हारे भाजपा के ओमप्रकाश बजरंगी, इस बार 269 वोटों से मिली पराजय

कहानी उस कुली की, जिसने स्टेशन के Wi-Fi से पढ़कर पास की IAS की परीक्षा और बन गया अफसर