पुलवामा: ऐसे 'सफर' पर चले गए 40 जवान, जहां से कभी नहीं मिली घर आने की 'इजाजत'

रिपोर्ट-इम्तियाज खान
पुलवामा: ऐसे 'सफर' पर चले गए 40 जवान, जहां से कभी नहीं मिली घर आने की 'इजाजत'

ऐसे हुआ था हमला

तारीख 14 फरवरी...दिन गुरुवार...वक्त दोपहर 3:30 बजे...कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के जवान 78 गाड़ियों से अपनी पोस्ट पर जा रहे थे। अचानक उनके काफिले की बस से एक गाड़ी टकराई और भयंकर धमाका हो गया। धुआं छंटा तो सड़क पर क्षत-विक्षत शव पड़े थे। दरअसल, यह कश्मीर में जवानों पर हुआ तीन दशक का सबसे बड़ा हमला था। इसे जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था और पूरा देश सदमे में आ गया। इस हमले को महज 20 साल के आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था। उसने 350 किलो विस्फोटक से भरी एसयूवी को सीआरपीएफ के काफिले की एक बस से टकरा दिया। 

जब उठी सबक सिखाने की मांग

इस खौफनाक हमले में 40 जवान शहीद हो गए। पूरा देश जवानों की शहादत से भावुक और हमले से आक्रोशित हो गया। आतंकियों और उनके आकाओं से बदले की मांग उठने लगी। हमले के खिलाफ पूरा देश और राजनीतिक दल एकजुट हो गया। सभी एक सुर में पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों को सबक सिखाने की मांग करने लगे। पूरी दुनिया ने इस हमले की निंदा की। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने भी पाकिस्तान को चेतावनी दे डाली।

कौन था हमलावर

इस हमले को महज 20 साल के आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था। उसके माता-पिता ने बताया कि आदिल को 12वीं की परीक्षा देनी थी, लेकिन वह ऐन वक्त पर लापता हो गया। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि हमले में आईईडी विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था। बाद में साफ हो गया कि आदिल ने किस तरह एसयूवी को काफिले की बस से टकराया। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित जैश ए मोहम्मद ने ली और आदिल डार का वीडियो भी जारी किया। जांच में सामने आया कि आदिल काकापोरा का रहने वाला था और एक साल पहले ही जैश में शामिल हुआ था।

पाकिस्तान की भूमिका

हमेशा की तरह पाकिस्तान ने इस हमले में हाथ होने से इनकार किया। भारत ने उसे सख्त चेतावनी दी, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान को चेताया कि वह अपनी धरती पर मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई करे। अमेरिका-फ्रांस सहित दुनिया के अधिकतर देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की। रूस के राष्ट्रपति ने पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को शोक संदेश भेजा। चीन ने घटना की निंदा जरूर की, लेकिन जैश सरगना मसूद अजहर पर अपना रवैया नहीं बदला। 

पाकिस्तान के खिलाफ उठाया यह कदम

भारत में इस हमले को लेकर आक्रोश था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षाबलों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने इस बार गंभीर गलती की है। उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों को कार्रवाई की पूरी छूट दी गई है। इसके साथ सीसीएस की बैठक में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एलान किया कि पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लिया जाता है।

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