रिपोर्ट-इम्तियाज़ खान सहारा जीवन बल्दीराय-आल्हा हमारी भारतीय संस्कृति की पहचान व हमारे वीरता की निशानी है।आल्हा समेत कजरी,बिरहा,व फगुआ जैसी प्राचीन गायन शैली को संजोए रखना हमारी सबकी जिम्मेदारी है।वे कलाकार जो हमारी प्राचीन गायन शैली को जीवित रखे हैं उनका सम्मान करना चाहिए।उक्त बातें ब्राह्मण समाज व भगवान परशुराम सेवा संस्थान के संरक्षक डॉ मनीष पांडेय ने भवानीगढ़ में आयोजित आल्हा गायन कार्यक्रम में कही। विदित हो कि आज बल्दीराय के भवानीगढ़ बाज़ार में भगवान परशुराम सेवा संस्थान द्वारा आल्हा का आयोजन किया गया।जिसमें आल्हा गायक अनिल कुमार तिवारी व उनकी टीम ने वीर रस से भरे आल्हागायन प्रस्तुत किया।उन्होंने अयोध्या के राजा दशरथ व ऋषि विश्वामित्र के मध्य हुए संवाद व ऋषि द्वारा राम-लक्ष्मण को मांगने,ताड़का बध, रावण द्वारा सीता जी के हरण की सुंदर कथा का गायन आल्हा छंद में किया।अनिल तिवारी और उनकी टीम द्वारा भगवान परशुराम,राम व रावण युद्ध सहित कई ऐतिहासिक प्रसंगों पर आल्हा प्रस्तुत किया गया।इस मौके पर भगवान परशुराम सेवा संस्थान अध्यक्ष अमित पांडेय,चंद्रराज तिवारी,बृजनाथ सिंह,अनुराग प...
रिपोर्ट-इम्तियाज़ खान मुस्लिम बाहुल्य इसौली सीट पर इस बार भी भाजपा का कमल खिलते-खिलते रह गया। बीजेपी प्रत्याशी ओमप्रकाश बजरंगी री काउंटिंग में सपा प्रत्याशी व पूर्व सांसद ताहिर खान से 269 वोट से हार गए। इससे पहले मोदी लहर में भी बजरंगी को री काउंटिंग में ही हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में कहा जा सकता है कि री काउंटिंग अब उनका मुकद्दर बन गया है। लेट में उतारा था सपा-भाजपा ने प्रत्याशी बता दें कि इसौली सीट भाजपा और सपा दोनों ही के लिए सुल्तानपुर की इसौली सीट नाक का सवाल थी। सपा यहां जीत की हैट्रिक लगाने के लिए बेताब तो भाजपा कमल खिलाने के लिए भरसक प्रयास में थी। हालांकि दोनों ही दलों ने यहां प्रत्याशी उतारने में देर की थी। भाजपा ने जहां मोदी लहर के रनर ओमप्रकाश पांडे बजरंगी पर दांव खेला तो सपा ने दो बार के सीटिंग विधायक अबरार अहमद का टिकट काट कर पूर्व सांसद मोहम्मद ताहिर खान को चेहरा बनाया। ताहिर को बड़े पैमाने पर भीतरघात का सामना करना पड़ा। जिसका असर नतीजों पर पड़ा है यह साफ है। बैलेट पेपर की गिनती के बाद सपा प्रत्याशी जीते गौरतलब रहे कि सुल्तानपुर की पांच सीटों पर कल आए नतीजो...
जज्बा हो तो सपनों की किसी भी उड़ान को छुआ जा सकता है। यह बात केरल के एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले एक कुली के जीवन पर बिल्कुल सटीक बैठती है। जहां बड़े-बड़े कोचिंग सेंटर और दिन भर पढ़ने के बावजूद भी कई लोग देश की सबसे बड़ी परीक्षा कही जाने वाली यूपीएससी परीक्षा को पास में ही कर पाते, वहीं रेलवे स्टेशन पर फ्री वाईफाई की मदद से पढ़ाई करने वाले कुली ने सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर कर अपनी जिंदगी की कहानी बदल दी है। श्रीनाथ ने अपने एक इंटरव्यू में अपनी सफलता की कहानी सुना कर लाखों-करोड़ों लोगों को प्रेरित किया है। केरल के एर्नाकुलम जंक्शन पर 5 सालों से कुली का काम करने वाले श्रीनाथ ने अपनी पढ़ाई के लिए किसी की मदद नहीं ली। वह काम के साथ-साथ स्टेशन पर मिलने वाले वाई-फाई के जरिए वीडियो की मदद से अपनी पढ़ाई करते थे। उनके पास ईयर-फोन और फोन के अलावा और कुछ भी नहीं था। ना ही उनके पास इतने पैसे थे कि वह अपनी कोचिंग की फीस भर सकें। ऐसे में फ्री वाईफाई की मदद से वह अकेले ही अपने इस सफर पर चल पड़े। रेलवे के फ्री वाईफाई का इस्तेमाल कर उन्होंने अपनी सफलता के दरवाजे खोल दिए है। वह र...
Comments
Post a Comment